Gulzar Quotes On Zindagi | Zindagi Gulzar Hai Quotes | Gulzar Quotes in Hindi

Gulzar Quotes

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Here we try to add the Best Gulzar Quotes. We have collected Gulzar Quotes on Zindagi, Smile, Dosti, Love and much more. So Let’s start the Zindagi Gulzar Hai Quotes.

Zindagi Gulzar Hai Quotes

आदतन तुमने कर दिए वादे….आदतन हमने ऐ’तिबार किया

आदतन तुमने कर दिए वादे….आदतन हमने ऐ’तिबार किया

रात चुपचाप दबे पांव चली जाती है .. रात ख़ामोश है रोती नहीं, हंसती भी नहीं

तुम्हारे ख्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं… सजाएं भेज दो ,हमने खताएं भेजी हैं

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में… एक पुराना ख़त खोला अनजाने में..

वो उदास उदास इक शाम थी,एक चेहरा था इक चिराग़ था…. और कुछ नहीं था ज़मीन पर,इक आसमां का ग़ुबार था

Sad Gulzar Quotes on Love

“तकलीफ़ ख़ुद की कम हो गयी, जब अपनों से उम्मीद कम हो गईं…!!”

Gulzar Quotes Dhokha

“एक सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद..दूसरा सपना देखने के हौसले को ‘ज़िंदगी’ कहते हैं..!!”

Motivational Gulzar Quotes
Motivational Gulzar Quotes

“बहुत अंदर तक जला देती हैं, वो शिकायते जो बया नहीं होती…!!”

Zindagi Gulzar Quotes

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़… किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे

Gulzar Quotes On Zindagi pyar

Gulzar Quotes for WhatsApp Status

“कुछ अलग करना हो तो भीड़ से हट के चलिए, भीड़ साहस तो देती हैं मगर पहचान छिन लेती हैं…!!”

Gulzar Success Quotes

“अच्छी किताबें और अच्छे लोग तुरंत समझमें नहीं आते उन्हें पढना पड़ता हैं..!!”

Gulzar Quotes Dosti
Gulzar Quotes Dosti

“दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा, इसका शायद कोई हल नहीं हैं…!!”

Gulzar Quotes For Gulzar Quotes Dosti Whatsapp Status Hindi

रात भर बातें करते हैं तारे… रात काटे कोई किधर तन्हा

सहर न आई कई बार नींद से जागे… थी रात रात की ये ज़िंदगी गुज़ार चले

Gulzar Quotes smile

“तन्हाई की दीवारों पर घुटन का पर्दा झूल रहा हैं, बेबसी की छत के नीचे, कोई किसी को भूल रहा हैं…!!”

Gulzar Quotes Tanhayi

“किसी पर मर जाने से होती हैं मुहब्बत, इश्क जिंदा लोगों का नहीं..!!”

Gulzar Quotes On Pyar Love

“कैसे करें हम ख़ुद को तेरे प्यार के काबिल, जब हम बदलते हैं, तुम शर्ते बादल देते हो..!!”

Gulzar Quotes Dile Se Zindagi

“घर में अपनों से उतनाही रूठो की आपकी बात और दूसरों की इज्जत, दोनों बरक़रार रह सके…!!”

“कौन कहता हैं की हम झूठ नहीं बोलते एक बार खैरियत तो पूछ के देखियें ….!!”

Gulzar Quotes Hindi Dil Se

“सीने में धड़कता जो हिस्सा हैं…. उसी का तो ये सारा किस्सा हैं..!!”

“वक्त रहता नहीं कही भी टिक कर, आदत इस की भी इंसान जैसी हैं…!!”

“थोडासा हस के थोडासा रुलाके पल यही जानेवाले हैं..!!”

बहुत दिन हो गये सच्ची!! तेरी आवाज़ की बौछार में भीगा नहीं हूँ मैं

Love quotes Gulzar

“कभी तो चौक के देखे को हमारी तरफ़, किसी की आँखों में हमको भी को इंतजार दिखे..!!”

Gulzar Quotes On Zindagi pyar

“वो चीज़ जिसे दिल कहते हैं, हम भूल गए हैं रख के कहीं…!!”

Dil Gulzar Quotes

“तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं, रात भी आयी और चाँद भी था, मगर नींद नहीं…!!”

Love Failure Gulzar Quotes

“कुछ बातें तब तक समझ में नहीं आती जब तक ख़ुद पर ना गुजरे..!!”

Gulzar quotes on Zindagi 3

“शायर बनना बहुत आसान हैं… बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए…!!”

Shayari Gulzar Quotes

“शोर की तो उम्र होती हैं ख़ामोशी तो सदाबहार होती हैं…!!”

Gulzar quotes on Zindagi

Gulzar Quotes On Love

“हाथ छुटे भी तो रिश्ते नहीं नहीं छोड़ा करते, वक्त की शाख से लम्हें नहीं तोडा करते…!!”

“सामने आए मेरे, देखा मुझे, बात भी की
मुस्कुराए भी, पुरानी किसी पहचान की ख़ातिर
कल का अख़बार था, बस देख लिया, रख भी दिया huea

“चाँद के माथे पर बचपन की चोट के दाग़ नज़र आते हैं रोड़े,
पत्थर और ग़ुल्लों से दिन भर खेला करता था
बहुत कहा आवारा उल्काओं की संगत ठीक नही”

हमको ग़ालिब ने यूं थी ‘
रहो हज़ार बरस यहाँ
बरस तो बस दिनों में गया

“किताबें मांगने,
गिरने, उठाने के बहाने
रिश्ते बनते थे
उन का क्या होगा……”
― GulzarGulzaar

ज़िन्दगी उलझा हुआ सौदा है
उम्र लेता है एक पल दे कर लम्बी जुदाई

उम्मीद भी है, घबराहट भी कि अब लोग क्या कहेंगे,
और इससे बड़ा डर यह है कहीं ऐसा ना हो कि लोग कुछ भी ना कहें!! गुलज़ार”

“इल्म तो मिलता रहेगा बाद में भी मगर वो जो किताबों में मिला करते थे सूखे फूल और महके हुए रुक़्के किताबें मांगने, गिरने, उठाने के बहाने रिश्ते बनते थे उनका क्या होगा?”
― गुलज़ार [Gulzar]

“बारिश के जाने के बाद भी, देर तलक टपका रहता है! तुमको छोड़े देर हुयी है— आँसू अब तक टूट रहे हैं”
― गुलज़ार [Gulzar],

“बहता दरिया, पल के पल बस रुक जाता है— इतनी सी उम्मीद लिये— शायद फिर से देख सके वह, इक दिन उस लड़की का चेहरा, जिसने फूल और तुलसी उसको पूज के अपना वर माँगा था—”
― गुलज़ार [Gulzar]

“इल्म तो मिलता रहेगा बाद में भी मगर वो जो किताबों में मिला करते थे सूखे फूल और महके हुए रुक़्के किताबें मांगने, गिरने, उठाने के बहाने रिश्ते बनते थे उनका क्या होगा?”
― गुलज़ार [Gulzar]

“मौत की शह देकर तुमने समझा था अब तो मात हुई मैंने जिस्म का ख़ोल उतार के सौंप दिया-और रूह बचा ली”
― गुलज़ार [Gulzar],

“ज़मीं से इस तरह बांधा गया हूँ मैं गले से ग्रैविटी का दाएमी पट्टा नहीं खुलता!”
― गुलज़ार [Gulzar],

“सिरे उधड़ गये है, सुबह-ओ-शाम के वो मेरे दो जहान साथ ले गया”
― गुलज़ार [Gulzar],

“भिनभनाहट भी नहीं सुबह से घर में उसकी, मेरे बच्चों में घिरी बैठी है, ममता से भरा शहद का छत्ता लेकर!!”
― गुलज़ार [Gulzar]

“आसान नहीं था इस तरह अपनी जड़ें छोड़ कर चल देना। और उस पर ये भी पता नहीं था। कहाँ और कैसे बीजे जायेंगे। बीजे जायेंगे भी या नहीं। पेड़ से टूटी शाख़ों को अक्सर देखा था, धूप में सूखते, टूटते और फिर गर्द में रुल जाते ! !”
― Gulzar

“बुद्धम शरणम गच्छामि, और बुद्धम शरणम गच्छामि— ये जाप मुसलसल सुनते सुनते, अब लगता है जैसे मंतर नहीं, चेतावनी है ये— “मुक्ति राह” से बाहर आना,— अब उतना ही मुश्किल है, जितना संसार से बाहर जाना मुश्किल था!! क”
― Gulzar,

“दरख़्त उगते हैं कुछ सोच सोच कर जैसे जो सर उठाएगा पहले वही क़लम होगा”
― गुलज़ार [Gulzar],

चौक के बीचों बीच मगर, उस लोहे के जंगले के अन्दर, इक अंग्रेज़ का बुत था पहले, अब, गाँधी की मूर्ती है। लेकिन अब तो—— सन् उन्नीस सौ बानवे है!!”

हम जहाँ थे वह तो नहीं
पास रहने का कोई सबब तोह नहीं
कोई नाराज़गी भी है मगर
फिर भी रूठी हुई सी लगती हो

उधड़ी सी किसी फ़िल्म का एक सीन थी बारिश,
इस बार मिली मुझसे तो ग़मगीन थी बारिश
कुछ लोगों ने रंग लूट लिए शहर में इस के
जंगल से जो निकली थी वो रंगीन थी बारिश― गुलज़ार [Gulzar], 

सामने आए मेरे, देखा मुझे, बात भी की,मुस्कुराए भी,
पुरानी किसी पहचान की ख़ातिर, कल का अख़बार था,
बस देख लिया, रख भी दिया।।
― गुलज़ार [Gulzar], 

कहू क्या वो बड़ी मासूमियत से पूछ बैठे है,
क्या सचमुच दिल के मारों को बड़ी तकलीफ़ होती है
― गुलज़ार [Gulzar], 

महदूद हैं दुआएँ मेरे अख्तियार में,
हर साँस हो सुकून की तू सौ बरस जिये
― गुलज़ार [Gulzar], 

Gulzar Quotes on Smile

बिगड़ैल हैं ये यादे, देर रात को टहलने निकलती हैं― गुलज़ार [Gulzar], 

मैं दिया हूँ! मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं, हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं― गुलज़ार [Gulzar], 

ग़म मौत का नहीं है,ग़म ये के आखिरी वक़्त भी,तू मेरे घर नहीं है
― गुलज़ार [Gulzar], 

मैंने दबी आवाज़ में पूछा? मुहब्बत करने लगी हो?नज़रें झुका कर वो बोली! बहुत

बहुत अंदर तक जला देती हैं, वो शिकायते जो बया नहीं होती
― गुलज़ार [Gulzar], 

अच्छी किताबें और अच्छे लोग, तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढना पड़ता हैं
― गुलज़ार [Gulzar], 

Gulzar Quotes In Hindi

उसने कागज की कई कश्तिया पानी उतारी और, ये कह के बहा दी कि समन्दर में मिलेंगे― गुलज़ार [Gulzar], 

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई,जैसे एहसान उतारता है कोई― गुलज़ार [Gulzar], 

कभी तो चौक के देखे कोई हमारी तरफ़, किसी की आँखों में हमको भी को इंतजार दिखे― गुलज़ार [Gulzar], 

दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा, इसका शायद कोई हल नहीं हैं― गुलज़ार [Gulzar], 

तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं, रात भी आयी और चाँद भी था, मगर नींद नहीं― गुलज़ार [Gulzar], 

शायर बनना बहुत आसान हैं,बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए― गुलज़ार [Gulzar], 

कौन कहता हैं कि हम झूठ नहीं बोलते, एक बार खैरियत तो पूछ के देखियें― गुलज़ार [Gulzar], 

शोर की तो उम्र होती हैं,ख़ामोशी तो सदाबहार होती हैं― गुलज़ार [Gulzar], 

बेहिसाब हसरते ना पालिये, जो मिला हैं उसे सम्भालिये― गुलज़ार [Gulzar], 

कुछ जख्मो की उम्र नहीं होती हैं, ताउम्र साथ चलते हैं, जिस्मो के ख़ाक होने तक― गुलज़ार [Gulzar], 

कुछ बातें तब तक समझ में नहीं आती, जब तक ख़ुद पर ना गुजरे― गुलज़ार [Gulzar], 

तकलीफ़ ख़ुद की कम हो गयी,जब अपनों से उम्मीद कम हो गईं― गुलज़ार [Gulzar], 

Gulzar Quotes In English

Suicide is not all that easy a thing to do… to give up your life. What kind of pain compels people to do this? I don’t know what word to use in English… it’s horrifying that a human can be in this condition. What have they provided them with?
– Gulzar

When people meet me and call me by my real name, I don’t appreciate it. I feel as if they are boasting that they know my real name (Sampooran Singh Kalra).
– Gulzar

I have always said that in print, a poem needs space to breathe
– Gulzar

As a poet, I think I write intelligently, but I’m not an intellectual
– Gulzar

The poetry is always churning in my mind, and I jot it down. I don’t need any special conditions in order to produce my work. I can write anywhere, because just as life goes on all the time, this process of thinking and writing goes on alongside it.
– Gulzar

The poems on fame are more of a question than an answer. I want to know what people see in me when they put that garland on me.
– Gulzar

I want him to come and answer. He’s there, right? And if god is responsible for everything, why doesn’t he come and see it? And why doesn’t he answer how it can be his will to kill 150 children in Peshawar? That’s what they said about it, that it is god’s will.
– Gulzar

I want him to come and answer. He’s there, right? And if god is responsible for everything, why doesn’t he come and see it? And why doesn’t he answer how it can be his will to kill 150 children in Peshawar? That’s what they said about it, that it is god’s will.
– Gulzar

I usually write words on the meter of the tune. It could be the other way round, and the composer will write the tune based on my words and meter.
– Gulzar

I hope you liked the Gulzar Quotes. We try to list out almost all Hulzar Quotes on Life, smile, love and much more. If you know any other Gulzar Quotes please comment below, so we can add it on our list.

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1 Comment

  • Hey there just wanted to give you a brief heads up and let you know a few of the images aren’t loading correctly. I’m not sure why but I think its a linking issue. I’ve tried it in two different internet browsers and both show the same outcome.

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